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ਸਿੱਖ ਜਰਨੈਲ ਬਾਬਾ ਬੰਦਾ ਸਿੰਘ ਬਹਾਦੁਰ ਕੌਮੀ ਯੋਧੇ ਨੂੰ ਹਿੰਦੂ ਬੈਰਾਗੀ ਕਹਿਣ ਵਾਲਿਆਂ ਤੱਕ ਪੁੱਜਦੀ ਕਰੋ ਪੋਸਟ

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ਪੋਸਟ ਹਿੰਦੀ ਚ ਪਾ ਰਿਹਾ ਤਾਕਿ ਭਾਰਤ ਦੇ ਬਾਕੀ ਲੋਕ ਵੀ ਸੋਚਣ ਅਸਲੀਅਤ ਬਾਰੇ! काफ़ी समय से मैं देख रहा हूँ कि सिखों के पहलें बादशाह बाबा बंदा सिघ बहादुर जी का हिन्दूकर्ण किया जा रहा हैं आर एस एस और अन्य हिन्दू समाज के लोगों द्वारा तो पोस्ट लिखने की आवश्यकता महसूस हुई!बाबा बंदा सिघ जी को कभी हिन्दू कभी राजपूत तो कभी बंदा बैरागी हिन्दू योद्धा कहा जा रहा हैं

ਬੰਦਾ ਸਿੰਘ ਬਹਾਦਰ ਤੇ Sant Bhindrawale-ਦੋਹਾਂ ਵਿਚਕਾਰ ਕੀ ਸਨ ਸਮਾਨਤਾਵਾਂ ??

ਬੰਦਾ ਸਿੰਘ ਬਹਾਦਰ ਤੇ Sant Bhindrawale-ਦੋਹਾਂ ਵਿਚਕਾਰ ਕੀ ਸਨ ਸਮਾਨਤਾਵਾਂ ??

Posted by Punjabi Junction on Tuesday, July 24, 2018

इस बात से सिखों को एतराज़ हैं मेरे कुछ सवाल हैं जो लोग ऐसा बोलते हैं उनसे तो शुरू करते हैं !सबसे पहलें में ये बताना चाहता हूँ कि बाबा जी का असली नाम सरदार गुरबकश सिघ था जो अमृत पान के बाद उनका नाम था!1/ राजपूत जा ब्राह्मन ये वर्ण व्यवस्था हैं जो हिन्दू धर्म में हैं पर सिखों में ऐसा नहीं हैं जो गुरु का सिघ बनता हैं बाद में उसकी जाति व्यवस्था खत्म हो जाती हैं यहीं गुरु साहब का उपदेश था कि जाति को खत्म करके इस ब्राह्मनवादी वयवस्था को खत्म किया जाए तो जितना समय बाबा जी राजपूत या ब्राह्मन थे तब की बात अलग थी पर जब वे गुरु का बंदा बन गए तो आपकी जाति वयवस्था टूट गयी मतलब अब आप ये बोल कर दावा करों कि वे हमारी जाति के थे तो सवाल ये खड़ा होता हैं कि वो तो एक सिख थे आप क्यू नहीं हो ??2/ बाबा जी जब तक बैरागी थे उनकों कोई नही जानता था आज अगर इतिहास में उनका नाम लिया जाता हैं तो वो पहिचान गुरु ने दी थी उनको मतलब बंदा सिघ बहादुर बनने के बाद वो इतिहास में आए नाकि बैरागी होते हुए तो अगर हिन्दू उनकों बैरागी बोले तो ये काम बाबा जी की असली छवि के साथ धोखा हैं इतिहास से बलात्कार करना हैं जा इतिहास चोरी करने जैसा हैं !3/जब वे लछमन दास थे तो उन्होंने हिरणी का शिकार किया था हिरणी के बच्चे जब तड़प कर मर गए तो लछमन दास खत्म हो गया और बैरागी खड़ा हो गया यहीं लछमन दास या बैरागी जब सिघ बना तो जो बंदा किसी का खून नहीं देख सकता था वोही बाबा जी के मुंह में शहीदी के समय उनके चार साल के बेटे का दिल डाला गया पर वे शांत रहें —- ये कमाल बैराग का नहीं सिखी का था जो गुरु ने दी थी किसी अन्य धर्म या जाति ने नहीं दी —- तो फिर बैरागी क्यू कहे बोलों??4/ हिन्दू लोगों के जितने योद्धा हुए वे खुद को राजा कहलवाते थे उन्होंने हिन्दू धर्म का प्रचार किया होगा पर बाबा जी ने जब 1709 से खालसा राज्य शुरू किया उनहोंने कोई कलगी नहीं लगाई ना ही खुद को राजा कहलवाया और उन्होंने गुरु नानक साहिब और गुरु गोबिंद सिघ जी के नाम के सिक्के जारी किए और उनके नाम पर राज्य किया  अगर वे बैरागी थे तो राम शिव आदि देवी देवताओं के नाम पर सिक्के क्यू नहीं जारी किए??? अगर नहीं किए तो वे बैरागी कैसें???5/-बाबा जी का मकसद सिख राज्य क़ायम करना था नाकि सिर्फ़ वज़ीर खान से बदला लेना ! अगर वज़ीर खान तक बदले की बात होती तो वे तो उन्होंने 1710 में ही ले लिया था फिर 1716 तक लडाई क्यू लड़ी ?? जाहिर हैं सिख राज्य को क़ायम करने के लिए ! तो फिर वे बैरागी कैसें हुए??6/बाबा जी जब गुरु के बंदे बने तो कोई भी उनका चेला उनके साथ नहीं गया ! बाबा जी का साथ देने के लिए गुरु ने पंजाब मे सिखों को हुक्मनामे जारी किए और बाबा जी की युद्ध समाना ” सडोरा ” कपूरी ” सरहंद आदि मे उनका साथ देने वाले सिख कमेरे ” जा वो थे जिनको ब्राह्मन के मुताबिक शूद्र कहा जाता था वो सिघ बने थे ! उस समय किसी राजपूत जा ब्राह्मन लोगों ने उनका साथ नहीं दिया तो फिर आज क्यो बैरागी या हिन्दू कहतें हो??7/बाबा जी ने जमींदारी प्रथा को खत्म करके जमीनें उनकों दी थी जो गरीब सिघ थे जिनको ब्राह्मन धर्म के मुताबिक शूद्र कहा जाता था ! अगर वे हिन्दू बैरागी थे तो ब्राह्मन की इस वयवस्था को कभी ना तोड़ते पर उन्होंने गुरु के बचन ” कि इन गरीब सिखों को दू पातशाही ये याद करे हमरी गुरुआई पर पहरा दिया ! बाबा जी की शहीदी या उनकों पकडवाने के काम में उस समय के बड़े बडे हिन्दू शामिल थे  तो किस मुंह से इतिहास चोरी करते हो और बैरागी बोलते हो ??और भी हजार दलीलें हैं मेरे पास फिलहाल इसका जवाब दे जो लोग हमारा इतिहास खाने की कोशिश कर रहें हैं बाबा जी के साथ शहीदी देने वाले 740 के करीब सब सिघ थे कोई एक भी हिन्दू नहीं था तो कृपया सिखों का इतिहास खराब ना करें ! Gurwinder singh baagi!

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